Anath ashram near me दोस्तों आज दुनिया में हजारों बच्चे ऐसे हैं जो माता-पिता के बगैर जीवन यापन कर रहे हैं उनके माता-पिता या तो किसी दुर्घटना में खो गए अथवा बचपन में ही मर गए जिसकी वजह से बेसहारा होकर बच्चे अनाथालय में चले जाते हैं यदि किसी शहर में गांव में ऐसे बेसहारा बच्चे है तो लोग उन्हें अनाथालय में डाल देते हैं।
भारत भर में अनेकों अनाथालय से खुले हुए हैं जहां पर इन बेसहारा बच्चों को सहारा मिलता है यही अनाथालय ऐसे लोगों को बच्चे भी दान कर देते हैं जिनके पास संताने नहीं है क्योंकि अनाथ बच्चों का सहारा देने वाले अनाथालय का उद्देश्य होता है कि बच्चों का पालन पोषण सही से हो सके और सही दिशा में जीवन यापन कर के एक अच्छे नागरिक के रूप में रहे।
ऐसे बहुत से अनाथालय हैं जिनमें बच्चों को गोद लेने के लिए वह लोग संपर्क करते हैं जिनके पास कोई बच्चा नहीं है और यह अनाथालय ऐसे लोगों को बच्चे भी उपलब्ध करा देते हैं उनके पास संताने नहीं है क्योंकि अनाथालय में कुछ ऐसे बच्चे पल रहे होते हैं जो माता-पिता विहीन होते हैं और उन बच्चों को सहारा माता पिता के मिल जाए इसलिए संतानों की आवश्यकता वाले व्यक्ति इनसे संपर्क करके संतान गोद ले सकते है।
वे दंपत्ति जो किसी भी बच्चे को अनाथालय से प्राप्त करके किसी बच्चे को अपना बना सकते हैं ऐसे लोगों को यदि अनाथालय के नाम नहीं पता है और वह अपने आसपास के अनाथालय से बच्चा गोद लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अनाथालय के बहुत से ऐसे पता दिया जाता है जहां पर पहुंचकर अनाथालय से बच्चा प्राप्त कर सकते हैं.
इसके अलावा जो बच्चे आसपास बेसहारा हो गए हैं उनको अनाथालय तक पहुंचाने के लिए जो भी लोग चाहते हैं वह लोग इन अनाथालय में बच्चों को पहुंचा कर एक पुण्य का काम कर सकते हैं यदि आपको आसपास के अनाथ बच्चों को अनाथालय भेजना है तो आप इन अनाथालय में के नाम कैसे पता करें आपके आसपास के अनाथालय कौन-कौन से हैं.
इस विषय में हम आपको यहां पर बताएंगे कि आप अनाथालय को कैसे खोज पाएंगे।
- 1. नवजात शिशु अनाथालय की सूची सरकारी वेबसाइट
- 1.1. 1. दिल्ली के अनाथ आश्रम
- 1.2. 2. मुंबई के अनाथ आश्रम
- 1.3. 3. कोलकाता के अनाथ आश्रम
- 1.4. 4. चेन्नई के अनाथ आश्रम
- 2. दिल्ली के प्रसिद्ध अनाथ आश्रम
- 3. अनाथ आश्रम कैसे खोजे ?
- 3.1. 1. अनाथालय के नाम से गूगल पर सर्च करे
- 3.2. 2. यूट्यूब के माध्यम से अनाथालय के नाम खोजें
- 3.3. 3. गृह मंत्रालय की वेबसाइट से अनाथालय के नाम पता करें
- 3.4. 4. विभिन्न प्रकार की सेवा समिति से अनाथालय के नाम पता करें
- 3.5. 6. समाज सेवा करने वाले व्यक्तियों से अनाथालय के विषय में जानकारी प्राप्त करें
- 3.6. 7. सोशल नेटवर्क से अनाथालय की जानकारी प्राप्त करें
- 3.7. 8. प्रिंट मीडिया अखबार के माध्यम से अनाथालय की जानकारी प्राप्त करें
- 3.8. 9. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या टेलीविजन के माध्यम से अनाथालय की जानकारी लें
- 4. अनाथालय का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
ऐसे बहुत से कपल होते हैं जो किसी कारणवश अपनी संतान को जन्म नहीं दे पाते हैं या फिर उनकी कोई संतान नहीं होती है जिसकी वजह से वह नवजात शिशु को गोद लेना चाहते हैं क्योंकि नवजात शिशु को गोद लेने का एक सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि वह बचपन से ही उन्हें अपना माता-पिता मानते है और यदि वह थोड़ा बड़े बच्चों को गोद ले तो उसे संभालना तथा उस बच्चों को उन दोनों दंपतियों को एक्सेप्ट करना दोनों ही मुश्किल हो जाता है.
इसीलिए नवजात शिशु को लोग अधिकतर गोद लेते हैं यहां पर हम आपको कुछ ऐसे अनाथ आश्रम की सूची देंगे जहां से आप नवजात शिशुओं को गोद ले सकते हैं.
| Gov. NGO Directory | official site |
1. दिल्ली के अनाथ आश्रम
| दिल्ली के अनाथ आश्रम | पता |
| आर्य बाल गृह | पटौदी हाउस, दरियागंज, दिल्ली |
| बाल सहयोग | मार्केट, एल ब्लॉक के सामने, कनॉट प्लेस, New Delhi, Delhi 110001 |
| किलकारी घर | एनसीसी बिल्डिंग, सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल के पास, चाबीगंज, |
2. मुंबई के अनाथ आश्रम
मुंबई के अनाथ आश्रम | पता |
| बालिका आश्रम | दादर ईस्ट (बालिका आश्रम) नवीन आशा सहकारी आवास समिति, 124, दादा साहब फाल्के मार्ग, दादर पूर्व, मुंबई, महाराष्ट्र 400014 |
| शिशु भवन | मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी – बच्चों का अनाथालय, स्टेशन, चर्च रोड, एलआईसी कॉलोनी, सुरेश कॉलोनी, विले पार्ले वेस्ट, मुंबई, महाराष्ट्र 400056 |
| बल आनंद वर्ल्डचिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट इंडिया | नंबर 93, साईं कृपा बिल्डिंग, ऑपोजिट मराठी म्यूनिसिपल स्कूल, घाटला गांव रोड, नागेश पाटिलवाड़ी चेंबूर, मुंबई, महाराष्ट्र 400071 |
3. कोलकाता के अनाथ आश्रम
कोलकाता के अनाथ आश्रम | पता |
| कल्यान आश्रम | F8X9+GMG, ऑडी बागान बस्ती, बेहाला, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700034 |
| श्री रामकृष्ण आनंदा आश्रम | दुर्गा प्रसन्ना परमहंस रोड, नकटाला, गरिया, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700047 |
| अनाथ आश्रम अस्सी, कोलकाता | केस्टोपुर, चांदीबेरिया दक्षिण, अंकुर क्लब के पास, न्यूटाउन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700102 |
4. चेन्नई के अनाथ आश्रम
चेन्नई के अनाथ आश्रम | पता |
| ओंगारा आश्रम | चेन्नई (ओंगारा आश्रम) M 14, 1B, East एवेन्यू, कोराट्टूर, चेन्नई, तमिलनाडु 600080 |
| साई बाबा गुरूकुलम | 2nd St, मूकाम्बिकाई नगर, पुलिस कमिश्नर कॉलोनी, पोझिचलूर, चेन्नई, तमिलनाडु 600074 |
| गुड लाइफ सेंटर | 7-बी, लोगनाथन St, Near विद्या थिएटर के पास ए/सी आरजीबी लेजर, तांबरम पश्चिम, चेन्नई, तमिलनाडु 600045 |
दिल्ली के प्रसिद्ध अनाथ आश्रम
दिल्ली जैसे बड़े शहर में आपको बहुत से अनाथ आश्रम देखने को मिल जाते हैं जो नवजात शिशुओं की सेवा करते हैं जिन बच्चों के माता-पिता उन्हें जन्म के पूर्व कहीं पर छोड़ देते हैं वह उन बच्चों की सेवा तथा उनकी देखरेख करने का जोखिम स्वयं उठाते हैं यदि आप अपने लिए किसी नवजात शिशु को गोद लेना चाहते हैं.
तो आप दिल्ली के इन अनाथ आश्रम में जाकर उसकी खोज कर सकते हैं क्योंकि यहां पर आपको हर उम्र के नवजात शिशु दिखाई देंगे जो भी आपको पसंद आए आप उसे सारी फॉर्मेलिटी को पूरा करने के बाद गोद ले सकते हैं तथा उसे अपनी संतान के रूप में पाल सकते हैं यहां पर नीचे हमने आपको दिल्ली के अनाथ आश्रम की लिस्ट और उनका पता भी दिया है. इसके अलावा इन अनाथ आश्रम से आप छोटे से बड़े किसी भी उम्र के बच्चों को गोद ले सकते हैं.
| अनाथ आश्रम के नाम | अनाथ आश्रम के बारे में | पता |
| स्वीट होम गर्ल्स आश्रम | इस अनाथ आश्रम में आपको 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की लड़कियां मिल जाती हैं जिनके देखभाल के साथ-साथ उन्हें एक अच्छे स्कूल में पढ़ाया भी जाता है यहां पर रहने वाले लड़कियों को उनकी रुचि के अनुसार सिलाई सफाई हाउस कीपिंग आदि कार्य दिए जाते हैं | गवर्नमेंट सर्वोदय को-एजुकेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल 1 मेट्रो स्टेशन नजफगढ़, धरमपुरा, नजफगढ़, दिल्ली, 110043 |
| किलकारी बालिका रेन्बॉ होम | जिन लड़कियों को उनके घर से निकाल दिया जाता है या फिर बचपन से ही उन्हें सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया जाता है इस अनाथ आश्रम के लोग उन लड़कियों की सेवा तथा उनके जीवन की जिम्मेदारी लेते हैं यहां पर बच्चियों को वह सारी चीज मिलती हैं जो एक आम जिंदगी जीने वाली लड़कियों को मिलती है. | एनसीसी बिल्डिंग, सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल के पास, चाबीगंज, कश्मीरी, गेट, नई दिल्ली, दिल्ली 110006 |
| बाल सहयोग | इस अनाथ आश्रम की स्थापना श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1954 में किया था इसमें 8 वर्ष से 17 वर्ष के लगभग 140 अनाथ बच्चे रहते हैं जिन्हें पढ़ने, रहने और खाने के सुविधा दी जाती है | मार्केट, एल ब्लॉक, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली, दिल्ली 110001। |
| बाल सेवा संस्थान | अनाथ आश्रम में बच्चों को वह सारी सुविधाएं दी जाती हैं जो एक आम बच्चों को मिलनी चाहिए यहां पर बच्चों को रहने के लिए छत पढ़ने के लिए स्कूल तथा खाने के लिए स्वादिष्ट और सेहत पूर्ण खाना दिया जाता है | हाउस नंबर 2, मेट्रो पिलर 719, स्ट्रीट, शिव मंदिर मार्ग, फेज़ 1ए, ओम विहार, उत्तम नगर, दिल्ली, 110059 |
अनाथ आश्रम कैसे खोजे ?
अब हम आप को अपने नजदीकी अनाथ आश्रम कैसे खोजे इसके बारे में जानकारी देंगे .
1. अनाथालय के नाम से गूगल पर सर्च करे
भारत जैसे देश में लगभग हर साल 5 से 6 लाख बच्चे अनाथ हो जाते हैं इन बच्चों के माता-पिता का सहारा प्राप्त करने के लिए अनाथालय में भेज दिया जाता है जिससे उनकी उचित देखरेख हो सके और उनका जीवन सुचारु रुप से सही मार्गदर्शन में जा सके।

इसके लिए आप यदि किसी बच्चे को दान लेना चाहते हैं या फिर बच्चे को अनाथालय में डालना चाहते हैं तो आप गूगल पर सर्च करेंगे तो आपके आसपास के अनाथालय ओं के नाम और पता व फोन नंबर सब कुछ मिल जाएगा जहां से संपर्क करके आप अनाथ बच्चों से संबंधित सेवा कर सकते हैं।
गूगल एक ऐसा सर्च इंजन है जिसके माध्यम से दुनिया भर की तमाम खोज खबर को पल भर में दिखा देता है ऐसे में आप जब अपने आसपास के अनाथालय के नाम पता करना चाहते हैं तो गूगल सर्च करके निकाल सकते हैं और बेसहारा बच्चों को वहां पर पहुंचा सकते हैं .
2. यूट्यूब के माध्यम से अनाथालय के नाम खोजें
अपने आसपास के अनाथालय के नाम पता करने के लिए आप यूट्यूब का सहारा ले सकते हैं आपको यूट्यूब पर ऐसे तमाम वीडियो मिल जाएंगे जिनमें आपके आसपास के कई सारे अनाथालय के नाम पता और फोन नंबर सब कुछ यूट्यूब वीडियो में कर बता देता है जहां पर आप बेसहारा बच्चों का सहारा बन सकते हैं.

यूट्यूब पर सर्च करने के बाद आप उन अनाथालय के फोन नंबर पता आदि लेकर अनाथालय से बच्चा दान ले सकते हैं और यदि आपके आसपास कोई अनाथ बच्चा है जिनके ऊपर से माता पिता का साया उठ चुका है उनको अनाथालय में डाल सकते हैं।
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3. गृह मंत्रालय की वेबसाइट से अनाथालय के नाम पता करें
किसी भी अनाथालय का रजिस्ट्रेशन हमेशा गृह मंत्रालय से ही होता है ऐसे में गृह मंत्रालय के पास भारत के सभी अनाथालय के नाम पता और फोन नंबर दर्ज होते हैं यदि आपको किसी भी अनाथालय का नाम पता करना है तो ऐसे में गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर अनाथालय को सर्च कर सकते हैं।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी किया गया रजिस्ट्रेशन नंबर और सर्टिफिकेट पर अनाथालय के मालिक का नाम पता और फोन नंबर दर्ज होता है जिसकी वजह से अनाथालय का पता प्राप्त किया जा सकता है।
किसी भी अनाथालय में बच्चों की हालत और उनके जीवन संबंधी सभी प्रकार की समस्याओं की देखरेख गृह मंत्रालय भी रखता है यदि आपको बच्चा प्राप्त करना है या बेसहारा बच्चे को अनाथालय में डालना है तो गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर अनाथालय के नाम पता करके वहां से संपर्क करके बच्चे से संबंधित समस्या को दूर किया जा सकता है।
4. विभिन्न प्रकार की सेवा समिति से अनाथालय के नाम पता करें
हमारे देश में प्रत्येक जिले में समाज कल्याण ऑफिस होता है समाज कल्याण ऑफिस से अनाथालय का रजिस्ट्रेशन प्राप्त होता है ऐसे में यदि आप अपने आसपास के अनाथालय में के नाम जानना चाहते हैं और वहां पर अनाथालय से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी जानना चाहते हैं तो अपने जिले के समाज कल्याण ऑफिस से भी पता कर सकते हैं.

इसके अलावा अनाथालय का संरक्षण प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी के अधिकार में भी होता है यदि आपको अपने आसपास के अनाथालय के नाम पता प्राप्त करना है और अनाथालय से किसी प्रकार की सेवा लेना चाहते हैं तो आज जिलाधिकारी को भी पत्र के माध्यम से फोन के माध्यम से या फिर जिला अधिकारी ऑफिस में स्वयं उपस्थित होकर अनाथालय संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
5. प्रतिष्ठित लोगों से अनाथालय के विषय में जानकारी ले
अनाथालय में बहुत सारे बच्चे आपके क्षेत्र के जनप्रतिनिधि जैसे विधायक सांसद थाना अध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष और तमाम पार्टियों के जिला अध्यक्ष युवा ब्लॉक अध्यक्ष आदि के माध्यम से भी बच्चे अनाथालय में पहुंचते हैं ।

ऐसे में यदि किसी भी अनाथालय से संबंधित कोई सेवा प्रदान करना चाहते हैं या लेना चाहते हैं तो इन लोगों से भी संपर्क कर के अनाथालय के विषय में नाम पता व फोन नंबर जाना जा सकता है।
बहुत से बेसहारा बच्चे पुलिस के ही माध्यम से अनाथालय में पहुंचते हैं क्योंकि जब किसी भी पुलिस विभाग के व्यक्ति को कोई अनाथ बच्चा मिलता है तो पुलिस उसे हमेशा अनाथालय में भेज देती है ऐसे में आप पुलिस विभाग से संपर्क करके अपने आसपास के अनाथालय के नाम पता और फोन नंबर आदि को प्राप्त कर सकते हैं।
6. समाज सेवा करने वाले व्यक्तियों से अनाथालय के विषय में जानकारी प्राप्त करें

लगभग हर गांव में हर शहर में तथा आपके आसपास कहीं ना कहीं पर ऐसे कुछ न कुछ व्यक्ति मिल जाएंगे जो समाज सेवा से जुड़े हुए होते हैं यह जन कल्याण और मानव कल्याण समिति के सदस्य भी होते हैं ऐसे में इन लोगों से संपर्क करके अनाथालय के विषय में जानकारी प्राप्त की जा सकती है अपने आसपास के अनाथ लोगों के नाम पता फोन नंबर आदि जानने के लिए इन समाजसेवी लोगों से संपर्क किया जा सकता है।
7. सोशल नेटवर्क से अनाथालय की जानकारी प्राप्त करें
आज के दौर में फेसबुक व्हाट्सएप इंस्टाग्राम जैसे सोशल नेटवर्क के प्लेटफार्म बहुत सारे उपलब्ध है यदि आपके पास मोबाइल है तो आपको सोशल मीडिया के माध्यम से अनाथालय से संबंधित हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो जाती है अपने आसपास के अनाथालय को पता करने के लिए सोशल नेटवर्क का सहारा ले सकते हैं.

अक्सर आप लोगों ने देखा होगा कि सोशल मीडिया पर अनाथालय से संबंधित बहुत सारी खबरें लोग प्रेषित करते रहते हैं जिनमें अपना फोन नंबर भी दे देते हैं यदि आपको अपने आसपास के अनाथालय से संबंधित किसी भी जानकारी करना चाहते हैं तो आप सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे लोगों से संपर्क करके ढेर सारी जानकारी मिल जाती है।
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8. प्रिंट मीडिया अखबार के माध्यम से अनाथालय की जानकारी प्राप्त करें
लेकिन प्रकार की खबरों को प्रसारित करने वाले प्रिंट मीडिया सभी क्षेत्रों में काम करते हैं ऐसे में कभी-कभी अनाथालय में से संबंधित भी अखबार में अपनी खबर प्रसारित करते हैं जहां पर आपको अनाथालय से संबंधित फोन नंबर पता तथा अन्य कुछ जानकारियां सामान्य रूप से दी जाती हैं।

यदि अपने आसपास के अनाथालय के विषय में जानकारी प्राप्त करना है तो प्रिंट मीडिया अखबार वालों से संपर्क करके बहुत सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
9. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या टेलीविजन के माध्यम से अनाथालय की जानकारी लें
टेलीविजन या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आज के दौर में सभी प्रकार की खबरें प्रकाशित करते रहते हैं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी कभी-कभी अनाथालय से संबंधित जानकारी अपने न्यूज़ चैनल पर प्रसारित करता है।

सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अनाथालय से संबंधित जानकारी वहां के मालिक पता फोन नंबर आज तक कुछ देते हैं ऐसे में इन लोगों से संपर्क करके अपने आसपास के अनाथालय के विषय में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
अनाथालय का मुख्य उद्देश्य क्या है ?

जैसा कि आपको पता है कि अनाथालय का सीधा उद्देश्य ऐसे बच्चों से या बूढ़े बुजुर्गों से संबंधित है जिनका कोई सहारा नहीं रह जाता है ऐसे बच्चे जिनके माता पिता का साया बचपन में ही उठ जाता है अथवा किसी प्रकार की दुर्घटना का शिकार हो जाने की वजह से बेसहारा हो गए हैं ऐसे बच्चों का पालन पोषण अनाथालय का मुख्य उद्देश्य होता है।






