हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सामग्री | Hanuman ji ko chola chadane ki samagri : दोस्तों राम भक्त हनुमान संकटमोचन कहे जाते हैं और जहां हनुमान की पूजा होती है वहां पर राम का निवास होता है। हम यह भी जानते हैं कि हनुमान भगवान शिव के 11 रुद्र अवतार हैं और पवन पुत्र केसरी नंदन के नाम से भी जाने जाते हैं।

मंगलवार के दिन भगवान हनुमान जी की पूजा आराधना का दिन माना जाता है और हिंदू धर्म में मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी को सिंदूर और लाल चोला बहुत पसंद है अगर देखा जाए तो हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सामग्री के रूप में प्रतिमा पर हमेशा सिंदूर और लाल चोला चढ़ाया जाता है। हनुमान जी को सिंदूर का लाल चोला चढ़ाने से भक्तों को राम की भी कृपा प्राप्त होती है।
- 1. हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सामग्री | Hanuman ji ko chola chadane ki samagri
- 2. हनुमान जी को चोला चढ़ाने के फ़ायदे
- 3. हनुमान जी को चोला चढ़ाने की विधि
- 4. हनुमान जी को चोला चढ़ाने का मन्त्र
- 5. हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय ध्यान देने योग्य बातें
- 6. FAQ : हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सामग्री
- 6.1. हनुमान जी को कौन सा रंग पसंद है ?
- 6.2. हनुमान जी को सिंदूर कब चढ़ाना चाहिए ?
- 6.3. क्या हनुमान जी को चांदी और सोने का वर्क चढ़ाना चाहिए ?
- 7. निष्कर्ष
हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सामग्री | Hanuman ji ko chola chadane ki samagri

भक्त गणों अगर आप हनुमान जी के उपासक हैं और उनकी पूजा आराधना उपासना के दौरान उनको चोला चढ़ाते हैं हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सामग्री क्या-क्या है आइए हम यहां पर लिखते हैं।हनुमान जी को हमेशा लाल सिंदूर, गाय का घी या चमेली का तेल, गंगाजल मिश्रित जल, चांदी और सोने का वर्क या माली पन्ना धूप दीप, श्री हनुमान चालीसा।
हनुमान जी को चोला चढ़ाने के फ़ायदे
श्री हनुमान जी संकटमोचन कहे जाते हैं इसीलिए कलयुग में हनुमान जी की पूजा करने से व्यक्ति को हर प्रकार से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। हनुमान जी की पूजा आराधना और उपासना तथा चोला चढ़ाने से व्यक्ति को सभी प्रकार के शारीरिक मानसिक और आर्थिक संकट दूर हो जाते हैं।
व्यक्ति के ऊपर शनि की साढ़ेसाती होती है या ढैया होती है ऐसी दशा या अंतर्दशा या राहु केतु की दशा अंतर्दशा में कष्ट मिलता है, तो हनुमान जी की कृपा से छुटकारा प्राप्त होता है। साधक एक संकट और रोग दूर हो जाते हैं जिससे व्यक्ति की आयु में वृद्धि होती है।
हनुमान जी को चोला चढ़ाने की विधि
अगर आप भगवान हनुमान जी के उपासक हैं और उन्हें चोला चढ़ाते हैं तो चोला चढ़ाने के लिए हनुमान जी की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान करवाएं और किसी मंगलवार शनिवार अथवा हनुमान जयंती रामनवमी दीपावली या होली के दिन हनुमान जी को चोला ना चढ़ाएं अन्य किसी दिन चोला चढ़ाया जा सकता है।

श्री हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय सिंदूर में गाय का घी या चमेली का तेल मिला है तथा मंत्रोचार करते हुए पूजन हवन करने के बाद चोले को हनुमान जी के ऊपर चढ़ाएं चोला चढ़ाने से पहले हनुमान जी की प्रतिमा का अच्छी तरह से लेपन करे और पुराने चोले को उतारकर किसी बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।
हनुमान जी को चोला चढ़ाने का मन्त्र
हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय नीचे दिए जा रहे मंत्र का उच्चारण करना चाहिए मंत्र इस प्रकार से है।
सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये ।
भक्तयां दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम ।।
हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय ध्यान देने योग्य बातें
श्री हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय कुछ चीजों का विशेष ध्यान देना चाहिए जो इस प्रकार से हैं :

- कभी भी किसी स्त्री के द्वारा हनुमान जी को चोला चढ़ाने दिया जाए और ना ही कोई स्त्री प्रतिमा के आसपास मंदिर में हो।
- श्री हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय चोला चाहने वाले भक्तों की सांस प्रतिमा पर नहीं लगनी चाहिए
- हनुमान जी को चोला पैरों से मस्तक तक चढ़ाने में देवता रहते हैं इसी क्रम में चढ़ाना चाहिए अर्थात पैरों से मस्तक की ओर चोला चढ़ाना चाहिए।
- अगर आपकी कोई मनोकामना पूरी करनी है तो पैरों की से चोला चढ़ाने का काम करें और ऊपर की ओर ले जाएं इससे आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होते हैं।
- हनुमान जी के चोला चढ़ाने के बाद हनुमान जी के सामने घी अथवा चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना जरूरी है।
- हनुमान जी को चोला चढ़ाने के लिए साधक को शारीरिक और मानसिक रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
FAQ : हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सामग्री
हनुमान जी को कौन सा रंग पसंद है ?
हनुमान जी को लाल या केसरिया रंग बहुत पसंद है इसीलिए अगर आप हनुमान जी के उपासक हैं तो इनकी उपासना के दौरान लाल या केसरिया रंग ही धारण करें।
हनुमान जी को सिंदूर कब चढ़ाना चाहिए ?
हनुमान जी को सिंदूर मंगलवार के दिन चलाना ज्यादा शुभ माना जाता है। मंगलवार के दिन सिंदूर और चोला चढ़ाने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती हैं।
क्या हनुमान जी को चांदी और सोने का वर्क चढ़ाना चाहिए ?
वैसे देखा जाए तो हनुमान जी को सोने चांदी का वर्क चढ़ाने के लिए कहा जाता है लेकिन सही मायने में देखा जाए तो सोने चांदी का वर्क नहीं चढ़ाना चाहिए क्योंकि यह सात्विक नहीं है।
निष्कर्ष
कलयुग में हनुमान जी एक साक्षात देवता जिनकी पूजा मन वचन से सात्विक रूप से करनी चाहिए जिससे किसी भी प्रकार का कोई कष्ट नहीं होता है। हनुमानजी की साधना से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष सभी करतल गत हो जाते हैं। हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सामग्री को हमेशा चढ़ाते समय ध्यान देना चाहिए कि किसी प्रकार की कोई त्रुटि ना होने पाए।






