रमजान में रोजा खोलने की दुआ : रोज़ा रखने की दुआ in Hindi, नीयत और तरीका | Dua to open fast in Ramadan : dua for opening fast

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रमजान में रोजा खोलने की दुआ | Ramadan me roza kholne ki dua : दुनिया में जितने भी मुसलमान है उन सभी को हर साल आने वाले रमजान के त्यौहार का बहुत ही बेसब्री के साथ इंतजार रहता है. क्योंकि मुस्लिम धर्म में त्यौहार बहुत ही कम होते हैं, इसीलिए मुसलमान लोग जितने भी त्यौहार उनके धर्म में आते हैं उन सभी को काफी हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। Ramadan me roza kholne ka tarika ? 

रोजा रखने की नियत कैसे की जाती है, रोजा रखने की नियत का तरीका, roza kholne ki dua tarjuma ke sath, roza kholne ki dua urdu mein, prayer for fasting islamवैसे तो मुसलमान धर्म में कई त्यौहार है परंतु लोगों को रमजान के महीने का इंतजार सबसे ज्यादा रहता है जिसमें मुसलमान लोग रोजा रखते हैं और तकरीबन 1 महीने का ये त्यौहार होता है.

जिसमे छोटे बड़े सभी लोग रोजा रखते है और सैम को एक साथ बैठ कर रोजा खोलते है. इस 1 महीने के दरमियान मुसलमान लोग किसी भी व्यक्ति से ना तो कोई झगड़ा करते हैं ना ही किसी को अपशब्द बोलते हैं और वह किसी का भी बुरा इस महीने के दरमियान नहीं करते हैं.

अगर आप भी एक मुसलमान हैं और आप यह जानना चाहते हैं कि रोजा रखने की दुआ और रोजा खोलने की दुआ क्या है तो आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

रोजा रखने की नीयत | Roza rakhne ki Niyat

आपको बता दें कि नियत का मतलब होता है साफ इरादा और आपको यह भी बता दें कि इस्लाम मजहब में नियत को बहुत ही ज्यादा इंपोर्टेंस दी गई है। अगर कोई व्यक्ति बिना नियत के रमजान के महीने में रोजा करना स्टार्ट करता है तो ना तो उसकी नमाज ही अल्लाह कबूल करते हैं ना ही उसका रोजा अल्लाह कबूल करते हैं।

अगर कोई व्यक्ति रात के टाइम में नियत करना भूल गया है तो वह जब शहरी का टाइम आए तब भी रोजे की नियत को कर सकता है|

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परंतु अगर आपने अचानक से ही रोजा रखने का मन बना लिया है तो ऐसा करने से आपको कोई भी फायदा नहीं होगा क्योंकि जो व्यक्ति बिना नियत के रोजा रखना चालू करता है. उसका रोजा अल्लाह स्वीकार नहीं करते हैं ना ही उसे उसके रोजे का कोई फल देते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जो मुसलमान लगातार रोजा के महीने को उपवास करके पूरा कर लेता है.

उसकी सारी मनोकामना को अल्लाह अवश्य पूरी करते हैं। रोजे के महीने में मुसलमान अपने आप पर काबू करने की कोशिश करते हैं और वह अपना सारा समय अल्लाह की इबादत में देने का प्रयास करते हैं।

रोजा रखने की दुआ | Roza rakhne Ki Dua

किसी भी काम को स्टार्ट करने से पहले इस्लाम में दुआ अवश्य पढ़ी जाती है फिर चाहे मुसलमान लोग खाना खाने के पहले दुआ पढ़े या फिर घर से बाहर किसी काम को जाने से पहले दुआ पढ़े।

Ramadan Iftar

इसी प्रकार जो भी व्यक्ति रमजान के महीने में रोजा रखना चाहता है उसे रमजान में रोजा रखने के पहले दुआ पढ़नी आवश्यक होती है. क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति बिना दुआ पढ़े हुए रमजान के महीने में रोजे रखना स्टार्ट कर देता है.

उसकी दुआ अल्लाह कबूल नहीं करते हैं। आपको बता दें कि, रोजा रखने की दुआ को पढ़ने का टाइमिंग सुबह की नमाज को चालू होने से पहले तकरीबन 10 मिनट के पहले तक का होता है।

1. हिंदी में रोज़ा रखने की दुआ

‘’व बि सोमि गदिन नवई तु मिन शहरि रमजान’’

2. इंग्लिश में रोजा रखने की दुआ

“Wa bisawmi ghadin nawaitu min shahri ramadan”

3. अरबी में रोजा रखने की दुआ

وَبِصَوْمِ غَدٍ نَّوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَا

4. हिंदी में दुआ का मतलब

मैंने रमजान के कल के रोजे की नीयत की।

रोजा खोलने की नीयत | Roja kholne ki Niyat

जिस प्रकार रोजा रखने की नियत का होना जरूरी है उसी प्रकार रोजा खोलने की नियत का भी होना आवश्यक है।

अगर कोई व्यक्ति दोपहर के टाइम में यह नियत करता है कि उसका रोजा पूरा हो जाएगा तो इसका यह अर्थ बिल्कुल भी नहीं है कि आपको उसी टाइम खाना खाना स्टार्ट कर देना है क्योंकि अगर आप ऐसा करते हैं तो आपका रोजा टूट जाएगा और फिर कोई भी फायदा आपको अल्लाह की तरफ से अपने रोजे का नहीं मिलेगा।

कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि, रोजा खोलने के लिए नियत का होना बहुत ही जरूरी होता है। इसलिए अगर आप एक सच्चे मुसलमान है तो रोजा खोलने से पहले आपको नियत अवश्य कर लेनी चाहिए।

रोजा खोलने की दुआ | Roza opening dua

मुसलमान लोग रमजान में रोजा रखने से पहले दुआ अवश्य पढ़ते हैं और जब रोजा खोलने की बारी आती है तो रोजा खोलने के दिन यानी कि ईफतार पार्टी के दिन वह अपने रोजा को खोलने से पहले भी दुआ का पाठ अवश्य करते हैं।

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अपना रोजा खोलने के लिए आपको बता दें कि जब रोजे का टाइम हो जाए तब आपको रोजा खोलने की दुआ को अपनी जुबान से बिना कुछ खाए पिए पढ़नी चाहिए और दुआ को पढ़ने के बाद ही आपको कुछ भी खाना अथवा पीना चाहिए।

हिंदी में रोजा खोलने की दुआ

” अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु, व-बिका आमन्तु, व-अलयका तवक्कालतू, व- अला रिज़क़िका अफतरतू ”

इंग्लिश मे रोजा खोलने की दुआ

“Allahumma Inni Laka Sumtu wa Bika Aamantu wa ‘Alaika Tawakkaltu wa ‘Ala Rizqika Aftartu.”

अरबी में रोजा खोलने की दुआ

اَللّٰهُمَّ اِنَّی لَکَ صُمْتُ وَبِکَ اٰمَنْتُ وَعَلَيْکَ تَوَکَّلْتُ وَعَلٰی رِزْقِکَ اَفْطَرْتُ.

दुआ का हिन्दी में मतलब

ऐ अल्लाह, मैंने तेरी ही रज़ा के लिए रोजा रखा और तेरी ही रिज़्क पर इफ्तार किया

रोजा रखने का तरीका | Roja rakhne Ka Tarika

इस्लाम रिलिजन में रोजा रखने का टाइम निर्धारित होता है। अगर कोई व्यक्ति तय टाइम के बाद खाना खाता है तो उसका रोजा नहीं माना जाता है, जो भी व्यक्ति रोजा रखता है. उसे दिन भर में कुछ भी खाने पीने की सख्त मनाही होती है और अगर कोई व्यक्ति गलती से भी कुछ खा लेता है तो उसका रोजा भंग हो जाता है।

इस्लाम रिलिजन के अनुसार अगर कोई व्यक्ति रोजे के महीने के दरमियान रोजा रखा हुआ है और उसने गलती से भी सिगरेट का एक कस भी ले लिया तब भी उसका रोजा टूट जाएगा। आपको बता दें कि, रमजान के महीने में सिर्फ उपवास करना ही काफी नहीं है बल्कि जो भी व्यक्ति रोजा रखता है उसे खाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए।

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साथ ही उसे किसी की भी चुगली नहीं करनी चाहिए, किसी से भी झूठ नहीं बोलना चाहिए, किसी के साथ भी बेईमानी नहीं करनी चाहिए. किसी भी दूसरी चीज का लालच नहीं करना चाहिए अथवा किसी भी व्यक्ति के साथ गंदा काम नहीं करना चाहिए।

रमजान के महीने में रोजेदार को पांच समय की नमाज भी पढ़ना बताया गया है क्योंकि इस्लाम मजहब में पांच वक्त की नमाज का काफी ज्यादा महत्व है अपना रोजा खोलने के लिए आप मीठी चीज का उपयोग करे. अगर हो सके तो खजूर खा कर अपने रोजे को तोड़े और उसके बाद में रोटी चावल आलू सेब केला खुबानी छोला अंडा दही दूध दाल इत्यादि चीजों का सेवन कर सकते हैं।

रोजा खोलने का तरीका | Roja kholne ka tarika 

आपने अक्सर टीवी में देखा होगा कि कई नेता लोग पार्टी मुसलमान लोगों के साथ करते हैं जिसे इफ्तार कहा जाता है। इफ्तार की टाइमिंग जब शाम को सूरज ढल जाता है तब होती है। इस्लाम रिलिजन के अनुसार ऐसा माना जाता है कि लगभग 1400 साल पहले पैगंबर मोहम्मद साहब ने पानी पी कर के और खजूर खा कर के अपने रोजे को खोला था।

break fast

इसलिए आज भी कई मुसलमान अपना रोजा खोलने के लिए महीने और पानी का इस्तेमाल करते हैं। रोजा खोलने के बाद लोग अपने अपने दोस्तों और परिवार वालों से मिलते हैं और उन्हें मुबारकबाद देते हैं.

FAQ : रमज़ान में रोज़ा खोलने की दुआ

रोजा खोलते समय क्या पढ़ना चाहिए ?

रोजा खोलते समय इस दुआ का पढ़ना आवश्यक है रोजा खोलने की दुआ में अरबी हिंदी अंग्रेजी और उर्दू किसी भी भाषा की दुआ को पढ़ सकते हैं लेकिन यहां पर हम आपको रोजा खोलने की अंग्रेजी में दुआ क्या है इसके बारे में बताएंगे. “Allahumma inni laka sumtu wa bika amantu wa 'alaika tawakkaltu wa 'ala rizqika aftartu”।रोजा खोलते समय इस दुआ का पढ़ना आवश्यक है रोजा खोलने की दुआ में अरबी हिंदी अंग्रेजी और उर्दू किसी भी भाषा की दुआ को पढ़ सकते हैं लेकिन यहां पर हम आपको रोजा खोलने की अंग्रेजी में दुआ क्या है इसके बारे में बताएंगे. “Allahumma inni laka sumtu wa bika amantu wa 'alaika tawakkaltu wa 'ala rizqika aftartu”।

रोजा खोलने में क्या क्या खाना चाहिए?

अगर आप में से कोई भी व्यक्ति इस बात की जानकारी चाहता है कि रोजा खोलने में क्या-क्या खाया जाता है तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रोजा खोलते समय आपको सबसे पहले खजूर उसके साथ फाइबर युक्त चीजें खानी चाहिए जो कि आपकी हेल्थ को अच्छा रखती हैं और आप चाहे तो किसी भी फल का जूस बनाकर भी पी सकते हैं.

थूक निगलने से रोजा टूट जाता है क्या ?

मुसलमानों में ऐसा कहा जाता है कि धूप निकलने से रोजा टूट जाता है क्या ऐसा सच है तो जी हां मुंह में अगर थूक आ जाए तो आप का रोजा टूटता नहीं है अगर आप किसी ऐसी चीजों में फंसे हुए तो या बिल्कुल भी नहीं है

निष्कर्ष

दोस्तों जैसे कि आज हमने आप लोगों को इस तरह के मध्यम से रमज़ान में रोज़ा खोलने की दुआ क्या है इसके बारे में जानकारी दी है अगर आपने हमारे इस लेख को अच्छे से पढ़ा है तो आपको रमज़ान में रोज़ा खोलने की दुआ रोज़ा खोलने का तारिका रोज़ा रखने की दुआ क्या है इस सभी विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त हो गई होगी उम्मीद करते हैं हमारे द्वार दी गई जानकारी आपको अच्छी लगेगी और आपके लिए उपयोगी भी साबित हुई होगी.

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