तुलसी का पौधा कैसे लगाएं Tulsi kab lagana chahiye : हेलो दोस्तों नमस्कार आज हम आप लोगों तुलसी का पौधा कैसे लगाएं इसके बारे में बताएंगे जैसे कि आपने तुलसी का पौधा तो देखा ही होगा क्योंकि तुलसी का पौधा हर घर में होता है और उसकी पूजा भी की जाती है इसीलिए तुलसी का पौधा तो हर एक व्यक्ति ने देखा ही है वैसे हम आपको बता दें.

कि तुलसी का पौधा एक जड़ी बूटी वाला पौधा है इसे बेसिल के नाम से भी जाना जाता है हर घर में तुलसी के पौधे को पूरे साल किसी भी महीने में लगाया जा सकता है तुलसी अपने औषधीय गुणों तथा पत्तियों और फूलों में पाए जाने वाले सुगंध की वजह से लोकप्रिय है और तुलसी का पौधा पवित्र माना जाता है.
इसीलिए हर हिंदू घरों में इसकी पूजा की जाती है और यह आम तौर पर उनके घरों में भी मिलता है तुलसी के पौधे कई प्रकार के होते हैं इसकी किसी भी किसम को आप अपने घर में लगा सकते हैं अगर आप जानना चाहते हैं कि तुलसी का पौधा कैसे लगाएं और कहां लगाना चाहिए और इसकी लगाने की विधि क्या है.
तो इसके लिए आपको हमारे द्वारा दिया गया या लेख पढ़ना होगा तभी आपको इन सारे सवालों के जवाब मिल पाएंगे चलिए आज हम आपको बताते हैं कि तुलसी का पौधा कैसे लगाएं।
- 1. तुलसी का पौधा कैसे लगाएं ? | Tulsi ka paudha kaise lagaye
- 1.1. तुलसी का पौधा लगाने के लिए कैसी मिट्टी चाहिये ? : तुलसी के लिए मिट्टी तैयार करे :
- 1.2. तुलसी का पेड़ लगाने की विधी
- 2. तुलसी का पौधा कब और कहां लगाना चाहिए ?
- 3. तुलसी का पौधा कौन से दिन लगाना चाहिए ?
- 4. तुलसी के फायदे
- 5. तुलसी के प्रकार
- 5.1. 1. राम तुलसी
- 5.2. 2. कपूर तुलसी
- 5.3. 3. लेमन तुलसी
- 5.4. 4. स्वीट तुलसी
- 6. FAQ : तुलसी का पौधे कैसे लगाएं ?
- 7. निष्कर्ष
तुलसी का पौधा कैसे लगाएं ? | Tulsi ka paudha kaise lagaye

वैसे तो हर घर में हम तुलसी का पौधा देखते हैं तुलसी की पूजा भी की जाती है धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो तुलसी का खूब महत्व होता है लेकिन हमारे स्वास्थ्य के लिए भी तुलसी किसी भी जीवनदान से कम नहीं है क्योंकि तुलसी के अंदर खूब सारे एंटी ऑक्सीडेंट , एंटी बैक्टीरिया प्रॉपर्टीज होती है.
इसीलिए तुलसी का पौधा हर एक इंसान को अपने घर में लगाना चाहिए पर आपको तुलसी का पौधा लगाना है तो उसके लिए आप तुलसी का पौधा लगा सकते हैं या फिर तुलसी की बीज भी लगा सकते हैं अगर आपको तुलसी का बीज चाहिए तो आप बाजार से भी ला सकते हैं और अगर आपको तुलसी का पौधा चाहिए .
तो आप अपने घर के आस-पास किसी भी स्थान पर यह किसी के घर पर तुलसी का पौधा अवश्य ही होगा तो वहां से भी आप ले सकते हैं या फिर आप ऑनलाइन भी आर्डर कर सकते हैं वहां भी आपको तुलसी का पौधा व बीज दोनों मिल जाएंगे।
तुलसी का पौधा लगाने के लिए कैसी मिट्टी चाहिये ? : तुलसी के लिए मिट्टी तैयार करे :
तुलसी का पेड़ लगाने के लगाने के लिए सबसे अच्छी मिट्टी दोमट और उपजाऊ मिट्टी होती है. साथ ही तुलसी का पेड़ हमेशा गमले में ही लगाये व पानी निकासी की उचित व्यवस्था करे.
तुलसी का पेड़ लगाने की विधी
- तुलसी का पौधा बहुत ही छोटा होता है कुछ पौधे बड़े भी होते हैं इसीलिए तुलसी का पौधा लगाते समय इस बात का ध्यान जरूर रखें कि उसे मिट्टी में ज्यादा गहराई से ना लगाएं आप चाहे तो तुलसी के पौधे को गमले की मिट्टी में 1/4 इंच या 0.5 -20 सेंटीमीटर की गहराई में भी लगा सकते हैं।
- जब आप तुलसी का पौधा लगा देते हैं उसके बाद उस पौधे की मिट्टी में नमी हमेशा बनाए रखें और उस गमले को घर के अंदर या बाहर कहीं पर भी आप रख सकते हैं।
- तुलसी के पौधे को लगाने के बाद कुछ दिनों तक उसका ज्यादा से ज्यादा ख्याल रखें जैसे कि तुलसी का पौधा लगाने के बाद मिट्टी को सूखने ना दें उसमें लगातार नमी बनाए रखें स्प्रे पंप की मदद से हमेशा उसमें पानी देते रहे लेकिन ध्यान रहे कि ज्यादा पानी नहीं देना है आप उस पौधे को ज्यादा पानी देंगे तो वह ज्यादा गहराई में भी जा सकता है इसीलिए पौधे को सही तरीके से पानी दे इससे बहुत ही जल्द आपके तुलसी का पौधा उगने लगेगा।
- अगर आप तुलसी के पौधे की सही तरह से देखभाल करते हैं तो दो से तीन हफ्तों में आप का पौधा चलने लगेगा जब आप का पौधा 4 से 6 इंच बड़ा होने लगे तो उसे दूसरे बड़े गमले में लगा दे क्योंकि जब वह 4 से 6 इंच बड़ा होने लगता है तो उसकी जड़े भी बड़ी होने लगती हैं इसीलिए आप इसे दूसरे गमले में भी लगा सकते हैं।
तुलसी का पौधा कब और कहां लगाना चाहिए ?
अगर आप तुलसी का पौधा लगाना चाहते हैं तो उसके लिए आप तुलसी के पौधे को घर के आंगन में कार्तिक मास में लगाना चाहिए यानी कि अक्टूबर या नवंबर के महीने में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए.

अक्टूबर या नवंबर के महीने में गुरुवार के दिन तुलसी के पौधे को लगाना चाहिए ऐसा कहा जाता है कि गुरुवार का दिन भगवान विष्णु का दिन होता है और इसी दिन भगवान विष्णु की पूजा और आराधना होती है तो अगर आप गुरुवार के दिन तुलसी का पौधा लगाते हैं तो यह आपके लिए बहुत ही ज्यादा शुभ होगा।
तुलसी का पौधा कौन से दिन लगाना चाहिए ?
क्या आप जानते हैं कि तुलसी का पौधा किस दिन लगाना चाहिए अगर नहीं तो आज हम आप लोगों को बताएंगे कि तुलसी का पौधा किस दिन लगाना चाहिए वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा माना जाता है कि अगर आप मंगलवार के दिन या फिर शुक्रवार के दिन तुलसी का पौधा लगाते हैं.
तो यह आपके लिए बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता हैं मंगलवार और शुक्रवार के दिन ही तुलसी पूजन के लिए सबसे ज्यादा शुभ दिन होता है। पैसे लिए आप मंगलवार या शुक्रवार के दिन ही तुलसी का पौधा लगा सकते हैं।
तुलसी के फायदे
तुलसी में आपको कई प्रकार के फायदे मिलते हैं तुलसी सुगंधित ही नहीं बल्कि इसमें औषधीय गुण भी पाए जाते हैं तुलसी अपनी अद्भुत सुगंध के कारण मशहूर है, जैसे :
- अगर आपको भूख नहीं लग रही है और आप चाहते हैं कि आपको भूख लगे तो उसके लिए आप तुलसी के रस का सेवन करेंगे तो को भूख जरूर लगेगी।
- अगर आपके पेट में दर्द हो रहा है और आप उससे बहुत ही ज्यादा परेशान हैं तो इसके लिए आपको तुलसी के अर्क का सेवन करना होगा अगर आप तुलसी के अर्क का सेवन करते हैं तो या आपके लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक होगा।
- अगर आपको सर्दी जुखाम या खांसी जैसी बीमारियां हैं तो इन बीमारियों का इलाज सबसे अच्छा होता है तुलसी के सूखे पत्तों का चूर्ण बनाकर के उसका सेवन करते हैं तो इससे आपको सर्दी जुखाम खांसी से राहत मिलती हैं।
- अगर आपके शरीर में कोई भी बीमारी है तो इस बीमारी को दूर भगाने के लिए और त्वचा संबंधित रोगों से छुटकारा पाने के लिए तुलसी के अर्क का सेवन करते हैं तो यह आपके लिए बहुत ही ज्यादा उपयोगी साबित होगा।
- तुलसी का पौधा वातावरण के लिए भी बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि यह हमारे आसपास की हवा को शुद्ध करता है।
- अगर आप तुलसी के पत्ते को पीसकर उस का रस बनाएं और उसके रस को मुल्तानी मिट्टी में मिला कर पेस्ट बनाकर हफ्ते में एक दो बार अपने चेहरे पर लगाते हैं तो आपके चेहरे के दाग धब्बे, पिंपल्स खत्म हो जाते हैं और आपकी स्किन मुलायम हो जाती है।
- अगर किसी भी व्यक्ति को कैंसर जैसी बीमारी है तो तुलसी कैंसर की बीमारी में भी काम आती है अगर आप तुलसी के पत्ते को रोज चबाते हैं तो कैंसर होने की संभावना दूर हो जाती है।
- अगर किसी भी व्यक्ति को ब्लड प्रेशर की बीमारी है तो उस बीमारी को दूर भगाने के लिए तुलसी के पत्ते रोज खाने खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हमारे खून में cholesterol कैस्ट्रॉल लेबल को कम करता है।
- अगर आपकी कान में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं जैसे कि कान में दर्द होता है और सुनाई कम देता है ऐसी समस्याओं को दूर करने के लिए तुलसी के पत्ते का रस कपूर में मिलाकर उसे गुनगुना पढ़ने के बाद उसे कान में डालने से कान की समस्या दूर हो जाती है कान दर्द करना बंद हो जाता है और सुनाई भी देने लगता है।
तुलसी के प्रकार

तुलसी चार प्रकार की होती हैं वैसे इन्हें लगाने का तरीका एक ही होता है तो आइए जानते हैं कि तुलसी कितने प्रकार की होती हैं और उनके कौन-कौन से काम है।
1. राम तुलसी
राम तुलसी किस का वनस्पति नाम ओसिमम ग्रैटिसिमम (Ocimum gratissimum)
वैसे तो तुलसी सभी लोगों ने देखी होगी लेकिन इनकी अलग-अलग किस्में होती हैं जैसे कि राम तुलसी राम तुलसी के बड़े और हरे पत्तों वाला मसालेदार अत्यधिक अवश्य दी गुण वाला पौधा माना गया है।
2. कपूर तुलसी
कपूर तुलसी बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है या तुलसी छोटे-छोटे अब तो जैसी होती है और इसमें कपूर जैसी सुगंध आती रहती है इस का वनस्पतिक नाम है वनस्पतिक नाम – ओसिमम किलिमण्डचेरिकम (ocimum kilimandscharicum)।
3. लेमन तुलसी
लेमन तुलसी एक बहुत ही अच्छी तुलसी है इसका वनस्पतिक नाम है ओसीमम बेसिलिकम सिट्रियोडोरम (Ocimum citriodorum) लेमन तुलसी में एकदम नींबू जैसी सुगंध आती रहती है इस तुलसी का प्रयोग खासकर खाना बनाने में उपयोग किया जाता है।
4. स्वीट तुलसी
स्वीट तुलसी बहुत ही ज्यादा मीठी तुलसी हैं और यह हमारे देश में बहुत ज्यादा लोकप्रिय माना जाता हैं। और स्वीट तुलसी का पौधा जड़ी बूटियों में भी काम आता है और यह बहुत ही ज्यादा सुगंधित होता है इसका वनस्पति नाम ओसीमम बेसिलिकम (Ocimum basilicum)।
FAQ : तुलसी का पौधे कैसे लगाएं ?
[faq-schema id=”41635″]निष्कर्ष
दोस्तों आज मैंने आपको इस आर्टिकल में अपने घर पर तुलसी के पौधे को कैसे लगाएं और लगाने के फायदे क्या होते हैं इसके बारे में जानकारी देने का प्रयास किया है तो आशा करते हैं कि आज का हमारा यह तुलसी का पौधा कैसे लगाएं लेख पसंद आया होगा अगर आप अपने घर पर तुलसी का पौधा उग आना चाहते हैं.
तो इस लेख को जरूर पढ़ें या आपके लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होने वाला है उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा बताई गई जानकारी आपको अत्यधिक प्रिय लगी होगी।





