baba balak nath ji ki aarti | बाबा बालक नाथ जी की आरती : नमस्कार मित्रों आज का टॉपिक है. baba balak nath ji ki aarti जिसमे मैं सभी प्रिय भक्तजनों को बाबा बालक नाथ जी की संपूर्ण आरती बताने के साथ-साथ इस आरती को किस समय, किस विधि के द्वारा करना है. यह सब कुछ विस्तार पूर्वक बताएंगे. ताकि baba balak nath ji ki aarti आरती करते समय किसी भी प्रकार की भूल चूक ना हो

क्योंकि हिंदू धर्म में किसी भी प्रकार की पूजा में आरती का विशेष महत्व बताया गया है, मान्यता है कि आरती के बिना किसी भी प्रकार की पूजा पूर्ण रूप से सफल नहीं होती हैं, इसीलिए आपको किसी भी देवी-देवता की पूजा अर्चना हेतु उनकी आरती अवश्य करनी चाहिए,
माना जाता है कि सच्चे मन और श्रृद्धा से की गई आरती बेहद कल्याणकारी होती है. आरती के दौरान गाई जाने वाली स्तुति मन वातावरण को शुद्ध और पवित्र कर देती इतना ही नहीं स्कंद पुराण में आरती की महिमा को लेकर यहां भी बखान किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की पूजा की संपूर्ण विधि और मंत्र नहीं जानता है
लेकिन उस पूजा की संपूर्ण आरती जानता है तो उसके द्वारा की गई आरती पूजा पूर्ण रूप से सफल मानी जाती हैं ऐसे में आरती के इस विशेष महत्व को ध्यान में रखते हुए आज मैं इस लेख में baba balak nath ji ki aarti और उसको करने की संपूर्ण विधि बताऊंगी, अगर आप लोग बाबा बालक नाथ जी की आरती से संबंधित इस विशेष जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तो कृपया करके इस लेख को शुरू से अंत तक अवश्य पढ़ें.
- 1. Baba balak nath ji ki aarti | बाबा बालक नाथ जी की आरती
- 2. बाबा बालक नाथ जी की आरती करने की संपूर्ण विधि | Baba balak nath ji ki aarti karne ki sampurna vidhi
- 3. बाबा बालक नाथ जी की आरती करने के लाभ | Baba balak nath ji ki aarti karne ke labh
- 4. FAQ: Baba balak nath ji ki aarti
- 4.1. बालक नाथ का गुरु का क्या नाम है ?
- 4.2. बाबा बालक नाथ का जन्म कब हुआ था ?
- 4.3. बालक नाथ किसका अवतार है ?
- 5. निष्कर्ष
Baba balak nath ji ki aarti | बाबा बालक नाथ जी की आरती

baba balak nath ji ki संपूर्ण आरती नीचे बताई जा रही है
ॐ जय कलाधारी हरे,
स्वामी जय पौणाहारी हरे,
भक्त जनों की नैया,
दस जनों की नैया,
भव से पार करे,
ॐ जय कलाधारी हरे ॥
बालक उमर सुहानी,
नाम बालक नाथा,
अमर हुए शंकर से,
सुन के अमर गाथा ।
ॐ जय कलाधारी हरे ॥
शीश पे बाल सुनैहरी,
गले रुद्राक्षी माला,
हाथ में झोली चिमटा,
आसन मृगशाला ।
ॐ जय कलाधारी हरे ॥
सुंदर सेली सिंगी,
वैरागन सोहे,
गऊ पालक रखवालक,
भगतन मन मोहे ।
ॐ जय कलाधारी हरे ॥
अंग भभूत रमाई,
मूर्ति प्रभु रंगी,
भय भज्जन दुःख नाशक,
भरथरी के संगी ।
ॐ जय कलाधारी हरे ॥
रोट चढ़त रविवार को,
फल, फूल मिश्री मेवा,
धुप दीप कुदनुं से,
आनंद सिद्ध देवा ।
ॐ जय कलाधारी हरे ॥
भक्तन हित अवतार लियो,
प्रभु देख के कल्लू काला,
दुष्ट दमन शत्रुहन,
सबके प्रतिपाला ।
ॐ जय कलाधारी हरे ॥
श्री बालक नाथ जी की आरती,
जो कोई नित गावे,
कहते है सेवक तेरे,
मन वाच्छित फल पावे ।
ॐ जय कलाधारी हरे ॥
ॐ जय कलाधारी हरे,
स्वामी जय पौणाहारी हरे,
भक्त जनों की नैया,
भव से पार करे,
ॐ जय कलाधारी हरे ॥
तो मित्रों यहीं है baba balak nath ji ki aarti की सम्पूर्ण आरती, अब हम बताएंगे कि baba balak nath ji ki aarti को किस समय, किस विधि-विधान से करना चाहिए.
बाबा बालक नाथ जी की आरती करने की संपूर्ण विधि | Baba balak nath ji ki aarti karne ki sampurna vidhi

स्कंद पुराण में आरती के महत्व को लेकर बताया गया है कि पूरी भक्ति और श्रद्धा भाव से की गई आरती बहुत ही कल्याणकारी साबित होती है लेकिन आरती करने के कुछ नियम बताए गए हैं. जिनका पालन करते हुए ईश्वर की आरती करना शुभ माना जाता है इसलिए हम यहां पर baba balak nath ji ki aarti आरती करने की विधि बता रहे हैं जैसे,
- बाबा बालक नाथ की आरती करने के लिए स्नानादि से निवृत्त हो
- स्नानादि से निवृत होने के बाद लकड़ी के पटरे पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर बाबा बालक नाथ का चित्र स्थापित करें.
- बाबा बालक नाथ का चित्र स्थापित करने के बाद इन्हें फूलों की माला पहनाना है फिर इनके समक्ष सुपारी, मौसमी फल-फूल चढ़ाकर बाबा बालक नाथ के नाम से एक चिमटा और खड़ाऊ स्थापित करें .
- अब बाबा बालक नाथ चित्र के सामने जल से भरा हुआ एक पात्र रखे फिर बाबा बालकनाथ के चित्र के सामने देसी घी का एक मुखी दीपक जलाएं.
- बाबा बालक नाथ के सामने दीपक जलाने के बाद इन्हें एक जोड़ा रोटी का भोग लगाएं.
- बाबा को भोग लगाने के बाद कपूर से बाबा बालक नाथ की संपूर्ण आरती करें, आरती स्पष्ट एवं उच्च स्वरों में करें.
- आरती करने के बाद बाबा बालक नाथ चित्र के सामने धूनी जलाकर इस पूजा को समाप्त करें.
बाबा बालक नाथ जी की आरती करने के लाभ | Baba balak nath ji ki aarti karne ke labh

baba balak nath ji ki aarti को पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ करने पर बाबा बालक नाथ जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. जिससे जीवन में सुख शांति समृद्धि आती है साथ में अन्य कई सारे फायदे प्राप्त होते हैं. जिनके विषय में नीचे बताया जा रहा है जैसे,
- बाबा बालक नाथ की आरती करने से रुके हुए कार्य संपन्न होते हैं.
- बाबा बालक नाथ की पूजा अर्चना करने से ऊपरी बाधा तंत्र-मंत्र, भूत प्रेत बाबा बालक नाथ की पूजा करने वाले साधक के पास आने से भी डरते हैं.
- बाबा बालक नाथ की पूजा से बड़े-बड़े रोग, दोष दूर होते हैं.
- बाबा बालक नाथ की पूजा से मन में सुविचार आते हैं.
- बाबा बालक की संपूर्ण आरती से मनोबल में वृद्धि होती है.
FAQ: Baba balak nath ji ki aarti
बालक नाथ का गुरु का क्या नाम है ?
बालक नाथ बाबा के गुरु का नाम गुरू दत्तात्रेय था.
बाबा बालक नाथ का जन्म कब हुआ था ?
बाबा बालक नाथ का जन्म 16 अप्रैल 1984 को अलवर जिले के बहरोड़ तहसील के कोहराना गांव में 16 अप्रैल 1984 को किसान परिवार में हुआ था.
बालक नाथ किसका अवतार है ?
मान्यताओं के आधार पर बताया जाता है कि बाबा बालक नाथ भगवान शिव का एक विशाल अवतार हैं. जिन्हें बाबा बालक के नाम से जाना जाता है.
निष्कर्ष
मित्रों जैसा कि आज हमने इस लेख में आप लोगों को baba balak nath ji ki aarti टॉपिक से संबंधित जानकारी प्रदान की है जिसमें हमने आप लोगों को बाबा बालक नाथ जी की संपूर्ण आरती की जानकारी के साथ-साथ इससे करने की संपूर्ण विधि भी बताई है साथ में इस आरती को करने से प्राप्त होने वाले लाभ के विषय में भी बताया है.
अगर आप लोगों ने इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़ा होगा तो आप लोगों को बाबा बालक नाथ जी की आरती टॉपिक से जुड़ी विशेष जानकारी सटीक और सरल शब्दों में मिल गई होगी, तो मित्रो हम उम्मीद करते हैं कि आप लोगों को हमारे द्वारा बताइए जानकारी पसंद आई होगी साथ में उपयोगी भी साबित हुई होगी.






